✦ मास्टर अंक 22 के लिए भी यही उपाय हैं, क्योंकि उसका मूल अंक 4 है।
संकेत कि आपके अंक 4 को संतुलन चाहिए
- अचानक रुकावटें, देरी या क़ानूनी परेशानियाँ
- भ्रम, शक या ग़लत समझे जाने का एहसास
- बेचैनी, डर और बिना कारण की घबराहट
- शॉर्टकट, नशे या ग़लत संगत की ओर खिंचाव
मंत्र
बीज मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
इसका रोज़ 108 बार (एक माला) जाप करें। पूरा अनुष्ठान 40 दिनों में 18,000 जाप का होता है, यानी लगभग 450 प्रतिदिन।
गायत्री मंत्र
ॐ नाकध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात्
बीज मंत्र के बाद 11 या 108 बार जपें, हो सके तो गुरु के बताए अनुसार।
इसका पाठ भी करें: दुर्गा सप्तशती (कम से कम पहला अध्याय), या कालभैरव अष्टकम
पूजा और व्रत
आराध्य देव: माँ दुर्गा और भगवान भैरव
- माँ दुर्गा की उपासना करें, विशेषकर नवरात्रि में
- शनिवार को दुर्गा चालीसा या कालभैरव अष्टकम का पाठ करें
- राहु मंत्र का जाप संध्या के समय करें, जब राहु सबसे प्रबल माना जाता है
साप्ताहिक व्रत: शनिवार का व्रत रखें: सूर्यास्त के बाद एक बार भोजन करें, मांसाहार और शराब से दूर रहें।
दान
- नीला या काला वस्त्र
- कंबल
- नारियल
- सरसों
- काली उड़द
दान का समय: शनिवार, संध्या के समय।
लाल किताब के उपाय
- चाँदी की ठोस गोली अपने पास रखें
- बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें
- आवारा कुत्तों को, विशेषकर काले कुत्तों को, भोजन दें
- घर में मोरपंख रखें
राहु यंत्र
हर पंक्ति, स्तंभ और विकर्ण का योग 36 है। इसे शनिवार के दिन भोजपत्र या साफ़ काग़ज़ पर कुमकुम या अष्टगंध से बनाएँ, पूजा स्थान में पूर्व की ओर रखें, और बीज मंत्र जपते हुए शांत मन से इसे देखें।
रत्न और रुद्राक्ष
- मुख्य रत्न
- गोमेद
- सस्ता विकल्प (उपरत्न)
- स्पेसार्टाइट गार्नेट या नारंगी ज़िरकॉन
- धातु
- चाँदी या पंचधातु
- उंगली
- मध्यमा, दाहिना हाथ
- कब पहनें
- शनिवार की शाम
- रुद्राक्ष
- 8 मुखी
⚠ रत्न प्रबल उपाय हैं। पहनने से पहले योग्य ज्योतिषी से सलाह लें, क्योंकि रत्न आपकी पूरी कुंडली के अनुकूल होना चाहिए। नीलम, गोमेद और लहसुनिया में विशेष सावधानी रखें।
रोज़ के उपाय
- घर और मेज़ को साफ़ और व्यवस्थित रखें
- मन शांत करने के लिए रोज़ 10 मिनट ध्यान करें
- हर अनुबंध पर हस्ताक्षर से पहले उसे ध्यान से पढ़ें
- ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध रखें
इनसे बचें
- शॉर्टकट, जुआ और जोखिम भरे सौदे
- शराब और देर रात की आदतें
- मन में बैर रखना या अफ़वाहें फैलाना
आपकी 40 दिन की योजना
- 1शुक्ल पक्ष के किसी शनिवार को सूर्योदय के समय शुरू करें। शुरुआत के लिए शुभ तारीखें: 4, 13, 22, 31।
- 2हर सुबह: प्रार्थना करें, फिर बीज मंत्र का 450 बार जाप करें ताकि 40 दिनों में 18,000 पूरे हों, या कम से कम 108 बार।
- 3हर शनिवार: व्रत रखें और नीला या काला वस्त्र, कंबल, नारियल का दान करें।
- 4पूरे 40 दिन: रोज़ के उपाय करें और बचने वाली बातों से दूर रहें।
संकल्प वाक्य
“मैं साफ़ मन से, कदम-दर-कदम अपना जीवन बनाता/बनाती हूँ।”
हर सुबह इसे मन में दोहराएँ।
अन्य अंकों के उपाय
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
+अंक 4 के उपाय क्या हैं?
अंक 4 के उपाय राहु को शांत करते हैं: अचानक बाधाएँ कम, मन साफ़, छल से रक्षा और ईमानदार, स्थिर प्रगति। शनिवार का व्रत रखें: सूर्यास्त के बाद एक बार भोजन करें, मांसाहार और शराब से दूर रहें।
+अंक 4 के लिए कौन-सा मंत्र अच्छा है?
राहु द्वारा शासित अंक 4 का बीज मंत्र “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” है। इसका रोज़ 108 बार जाप करें; पूरा अनुष्ठान 40 दिनों में 18,000 जाप का होता है।
+अंक 4 वालों को किस देवता की पूजा करनी चाहिए?
अंक 4 का स्वामी राहु है, इसलिए इसके उपाय माँ दुर्गा और भगवान भैरव की आराधना से होते हैं। शनिवार का व्रत रखें: सूर्यास्त के बाद एक बार भोजन करें, मांसाहार और शराब से दूर रहें।
+अंक 4 के लिए कौन-सा रत्न शुभ है?
अंक 4 का पारंपरिक रत्न गोमेद है, और स्पेसार्टाइट गार्नेट या नारंगी ज़िरकॉन इसका सस्ता विकल्प है। रत्न प्रबल उपाय हैं। पहनने से पहले योग्य ज्योतिषी से सलाह लें, क्योंकि रत्न आपकी पूरी कुंडली के अनुकूल होना चाहिए। नीलम, गोमेद और लहसुनिया में विशेष सावधानी रखें।
पारंपरिक नवग्रह उपायों (मंत्र, जप संख्या, यंत्र और दान), लाल किताब, और लो शू व वास्तु परंपरा पर आधारित। परंपराओं में बारीकियाँ अलग होती हैं; जहाँ मतभेद हो, अपने कुल की रीति या गुरु का पालन करें। ये उपाय चिंतन और अच्छी आदतों के लिए पारंपरिक अभ्यास हैं। ये चिकित्सा, कानूनी या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं हैं।